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आंवले के विभिन्न व्यंजन

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आंवले के विभिन्न व्यंजन
बहुपयोगी अमृतफल आंवला अपने अचूक गुणों के कारण ही आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा अपनाया जाता रहा है। यह स्वाद में बेशक कुछ कसैला सा प्रतीत होता है लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से एक लाभकारी औषधि है। वात, पित्त व कफ नाशक आंवला रक्त की गर्मी को शान्त करता है, भूख बढ़ाता है तथा अनेकों रोगों को दूर भगा देता ह...

मधुमेह का उपचार

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मधुमेह का उपचार
पुराने समय में बीमारियां इतनी ज्यादा और इतनी व्यापक न थी, जितनी वर्तमान काल में हंै। चूंकि उन दिनों आहार में 'फास्ट फूडÓ या 'जंक फू डÓ जैसा कुछ न था और ना ही बैठे-बैठे काम करते हुए दैनिकचर्या बिताने की सुविधा थी। मनुष्य मोटा खाता और मोटा ही पहनता था। दिनभर हाड़तोड़ मेहनत करता था, यानी जीवन बहुत सरल ...

हिचकियों पर ब्रेक लगाने वाला नुस्खा

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हिचकियों पर ब्रेक लगाने वाला नुस्खा
जनमानस में यह विश्वास किया जाता है कि हिचकियां तब आती हैं जब उसे कोई प्रियजन याद करता है। इस विश्वास में कितनी सत्यता है, कहा नहीं जा सकता। हिचकी को आयुर्वेद में 'हिक्काÓ कहकर इसे रोग के अन्तर्गत माना गया है। माना जाता है, कि हिक्का रोग पेट में समान वायु तथा गले में उदान वायु के प्रकोप से उत्पन्नहोत...

सौंदर्य जो अन्दर से झांके

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सौंदर्य जो अन्दर से झांके
हम सबने अनुभव किया होगा कि रोगावस्था में चेहरा कांतिहीन और त्वचा बेजान दिखाई देती है, जबकि स्वस्थावस्था में ऐसा नहीं होता। जो लोग अच्छा खाने-पीने के बावजूद मानसिक चिनताओं, कुंठाओं की चपेट में रहते हैं उनकी त्वचा समय से पहले ही बुढ़ाने लगती है उस पर कालिमा छाने लगती है और झुर्रियां पडऩे लगती हैं।&nbs...

मानवता का रक्षक, जिसे कभी शैतान तक कहा गया

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मानवता का रक्षक, जिसे कभी शैतान तक कहा गया
आलू का इतिहास हजारों साल पुराना है इसलिये यदि कहा जाये 'जब तक समुद्र में बालू रहेगा, तब तक जगत में आलू रहेगाÓ अतिश्योक्ति नहीं होगा। आलू अपनी विलक्षण गुणवत्ता के कारण आज दुनियाँ का सर्वोत्तम खाद्य है। वैज्ञानिकों का तथा वैज्ञानिक आधार पर भविष्यवाणी करने वालों का दृढ़ विचार है कि बढ़ती महंगाई और आबाद...

जवान होता रोग

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जवान होता रोग
मानव के इस पृथ्वी पर पदापर्ण से पहले ही रोगों का भी आगमन हो चुका था। यानी रोगों का इतिहास मानव जाति के इतिहास से भी पुराना है। कई तरह के रोग कारक जन्तु जिनमें मच्छर भी शामिल हैं, मानव के उदय से पूर्व ही अस्तित्व में आ चुके थे। यदि चिकित्सा की बात करें तो इसका इतिहास भी मानव इतिहास जितना ही पुराना है...

कमजोर याददाश्त

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कमजोर याददाश्त
आजकल याददाश्त कमजोर होना एक आम बात है। भूलने की समस्या लगभग हर उम्र के लोगों में पाई जाती है। भूलने का मुख्य कारण एकाग्रता की कमी है।अधिकतर समस्या रिकाल करने में होती है क्योंकि हमारे दिमाग को रिकाल प्रोसेस के लिए जिन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है उनकी हमारे शरीर में कमी हो जाती है । अत: ...

हृदय रोग और मैं

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हृदय रोग और मैं
7 जुलाई 1977 की रात करीब 11-12 बजे दाहिने हाथ की अंगुलियों से लेकर दाहिने कंधे एवं दायीं छाती में अचानक बहुत तेज दर्द होने लगा। कुछ ही क्षणों में वह वेदना बढ़कर हृदय में बायीं तरफ तक पहुंचकर असह्य पीड़ा देने लगी। यह वह पीड़ा थी जिसे आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में 'एजांइनाÓ नाम दिया गया है तथा तुरंत चिक...

सुखद बुढ़ापे के उपाय

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सुखद बुढ़ापे के उपाय
चिंताज्वरो मनुष्याणां क्षुधां निद्रां बलं हरेत।रुपमुत्साह बुद्धि श्रीं जीवितं चन संशया।।स्कन्द पुराण के इस सूत्र में सहजता से यह बता दिया गया है कि चिन्ताज्वर भूख, निद्रा, शक्ति, सुन्दरता, उत्साह, वृत्ति, बुद्धि, लक्ष्मी और आयु-इन सबका नाशकर देता है।वास्तव में चिन्ता एक ऐसा ज्वर है जो किसी भी मनुष्य...

चलना ही जिन्दगी है

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चलना ही जिन्दगी है
दिकाल से जिस रोग से मनुष्य सबसे ज्यादा परेशान रहा है, वह है जोड़ों का दर्द गठिया, आथ्र्राइटिस। आयुर्वेद में इन्हें वात यानी वायु के कुपित होने से पनपने वाले 'वातरोगÓ कहा गया है।     जोड़ों के दर्द की शिकायत आमतौर पर 50 साल के बाद देखने में आती है। बढ़ती उम्र में यह परेशानी बढ़ती ही जा...
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