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रीढ़ का पीर

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रीढ़ का पीर
शरीर का आधार है, रीढ़। शरीर को सीधा रखने और उसे चलने के काबिल बनाये रखने में रीढ़ की अहमियत ही सबसे ज्यादा है। रीढ़ की विकृति व्यक्ति के सामान्य रूप से जीने में बाधा बनती है और उसे अपना शरीर बोझ सा लगने लगता है।    रहन-सहन के गलत उपायों को अपना लेने से पनपने वाली रीढ़ की व्यधियों से आ...

अन्दरूनी अतिरिक्त गर्मी शामक नुस्खा

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अन्दरूनी अतिरिक्त गर्मी शामक नुस्खा
आइन्सटाइन को आधुनिक युग का महान वैज्ञानिक कहा गया है। वास्तव में उनके द्वारा स्थापित सिद्धान्त वर्तमान काल को आधुनिक बनाने में अत्यन्त महत्वपूर्ण सिद्ध हुए हैं।    विद्वता का सम्मान करना, सराहना करना सर्वथा उचित भी है और आवश्यक भी। जब हम आइन्सटाइन की विद्वता की प्रशंसा करते है तो हमे ...

जो वांयटे आने की शिकायत दूर करता है

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जो वांयटे आने की शिकायत दूर करता है
संस्थाप्य मृण्मयं पात्रं ताम्रपत्रं सुसंस्कृतम्।छादयेच्छिाखिग्रीवेन चाद्राभि: काष्ठपांसुभि।।दस्तालोष्टोनिधात्व: पारदाच्छादि तस्तत:।उत्पादयति तन्मित्रं संयोगस्ताम्र दस्तयो:।।    अगस्त्य संहिता में लिखे इस सूत्र का अर्थ है-    एक मिट्टी का पात्र लें, उसमें ताम्र पट्टिका ड...

पुराने सिर दर्द को दूर करने वाला प्रयोग

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पुराने सिर दर्द को दूर करने वाला प्रयोग
    आधुनिक वैज्ञानिकों के सामने शोध का विषय यह भी है कि जंगलों तथा झोपडिय़ों में रहने वाले, साधन विहीन भारतीय वैज्ञानिक ऋषियों ने उन विषयों पर किस प्रकार विस्तृत और सटीक जानकारियां प्राप्त कर ली थी जिनके बारे में आधुनिक सज्जा सम्पन्न साधनों से ही जानकारियां प्राप्त होना सम्भव है। ...

ऐसे खुला डायबिटीज का रहस्य

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ऐसे खुला डायबिटीज का रहस्य
डायबिटीज यानी मधुमेह कोई नई बीमारी नहीं है। माना जाता है कि इसका सबसे पहले 3560 वर्ष पहले मिश्र के फिजीशियन हैंसी-रा ने वर्णन किया था। यदि हम आयुर्वेद की बात करें तो अब से हजारों साल पहले की चरक सुश्रुत और वाग्भट की संहिताओं में मधुमेह का वर्णन करते हुए लिखा है कि इस रोग से ग्रस्त मरीजों का मूत्र मी...

धतूरे का चिकित्सा में उपयोग

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धतूरे का चिकित्सा में उपयोग
(अ) बाह्य प्रयोग    द्य धत्तूर तेल- धत्तूर का स्वरस 40 ताला व उस के रस में पिसी हुई हल्दी 3 तोला, तिल का तेल 2.0 तोला लें इसको उबाल तेल सिद्ध कर लें। यह तेल कर्ण-नाद, कर्ण के नाड़ी-व्रण में हितकारी है।    द्य पाताल यन्त्र द्वारा निकाला गया धत्तूर का तेल पांवों के तलबों ...

शिर दर्द के कई कारण हो सकते हैं

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शिर दर्द के कई कारण हो सकते हैं
शिर दर्द हो रहा है, दर्द की दवा दीजिये। ऐसा वाक्य आपको औषधि विक्रेता के पास सुनने को मिल जायेगा। शिर दर्द होने पर वेदना शामक औषधि का सेवन लाभ अवश्य देता है परन्तु यह लाभ तबतक ही दृष्टिगोचर होता है जब तक औषधि का प्रभाव रहता है।    जो लोग शिर दर्द से परेशान रहते हैं उनको इसका कारण जानने...

एंटीडिप्रेसेंट्स की उदास करने वाली सच्चाई

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एंटीडिप्रेसेंट्स की उदास करने वाली सच्चाई
एंटीडिप्रेसेंट्स से फार्मा कम्पनियों के कत्र्ता-धत्र्ताओं का ही डिपे्रशन दूर होता है, क्योंकि उनके बैक खातों में रुपये की बाढ़ आ जाती है। डॉक्टर खुश होते हैं, क्योंकि उन्हें एक परमानेंट ग्राहक मिल जाता है, लगभग उम्र भर के लिये। मार्केटिंग स्टॉफ खुश हैं, क्योंकि उनके टारगेट पूरे हो रहे हैं और उन्हे त...

मिर्गी रोग पर प्रभावी नुस्खा

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मिर्गी रोग पर प्रभावी नुस्खा
भोजवृक्ष का वर्णन किस्से-कहानियों में खूब हुआ है। जब कागज का आविष्कार नहीं हुआ था, तब भोजपत्र का उपयोग कागज के रूप में खूब किया जाता था। अनेक प्राचीन ग्रन्थों की रचना भोजपत्रों पर हुई है। कहा जा सकता है कि प्राचीन काल में भोजवृक्ष कागज (भोजपत्र)प्रचुरता से उपलब्ध थे। प्राचीनकाल में इसे वस्त्रों के र...

दमा और उससे सुरक्षा

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दमा और उससे सुरक्षा
सेहतमंद रह पाना वर्तमान में जितना कठिन होता जा रहा है, उतना पहले कभी नहीं रहा। प्रदूषित वातावरण, फास्ट फूड, जंक फूड का निरंतर बढ़ता उपयोग, मिलावटी खाद्य-पदार्थों की भरमार, स्वास्थ्य को चौपट करने में लगे हुए हैं। दूध-घी जिनका सेवन स्वास्थ्य संवर्धन के लिए प्रशस्त माना जाता है, अब मिलावटी ही नहीं नकली...
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